मेरे दोस्त गुरु का तीन बजे फोन आया कि गुरु देखने चलना है क्या? हम लोग काफी दिन से इसके विज्ञापन देख रहे थे व देखने का मन बना चुके थे कि भाई इसके लिए दस डॉलर खरचने ही हैं। बिना समीक्षाएं पढ़े देखने गए गुरु को। यहाँ बे-एरिया के ट्रैफिक के वजह से १५ [...]

सभी की तरह वसुधा व मैं फिल्मों के बहुत शौकीन हैं। ऐसा कम ही होता है कि हम लोग किसी फिल्म की समीक्षा के बिना देखने पहुंच जाते हैं। शाम को छःह बजे प्रोग्राम बना कि मंगल पांडे देखने चलते हैं। नाज पर देखा तो पता चला कि 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, [...]

हर बार कि तरह इस बार भी सारी दुनिया के लिखने के बाद अपनी ढपली बजा रहा हूँ। फिल्म तो दो हफ्ते पहले देख ली थी, समीक्षा लिखने अब बैठ रहा हूँ। स्वदेस से बहुत लोगों को बहुत तरह की उम्मीदें थी। सबसे ज्यादा कि देखें लगान का निर्देशक क्या नया करके दिखाता है। नया [...]

कोहेनूर1 पर जब नाच की डीवीडी देखी तो पहली बार तो एक और बॉलीवुड फिल्म जानकर नजरअंदाज कर दिया। पर अगले सप्ताहंत पर जब देखा कि कोई भी नई फिल्म नहीं आई तो आया हूँ तो कुछ लेकर जाउंगा वाले अंदाज में नाच देखने के लिए उठा ली। अगर नाहक नंगेपन को नजरअंदाज कर दिया [...]

अभी अभी वीर-ज़ारा देख कर आ रहा हूँ। अब चोपड़ा जी की फैक्टरी से निकली है तो अच्छी तो होगी ही और जाहिर है कि प्रेम-कथा भी है (जैसे की देस में और दूसरी फिल्में भी बनती ही हैं) यदि आपको दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे पंसद आई थी तो यह भी पंसद आयगी। अभी [...]

आज इतवार था और फिल्म देखना बनता था । लाला के पास ऐतबार पड़ी थी । Typical देसी movie थी । पहला half अपने को कोसते निकला । दूसरे हाफ में कुछ ठीक हुई । Movie ऐक पिता के अपनी जवान बेटी को एक Psychopath आशिक से बचाने के संघर्ष के बारे में है ।