कंस्लटिंग के चलते बहुत सी कम्पनियों में काम करने को मिलता है। बहुत से लोगों का काम करने के वातावरण को देखने, उसमें घुलने मिलने को भी मिलता है। इसे ग्लोबलाईजेशन की दुर्घटना कहें या कुछ और लगभग सभी कम्पनियों में कम्पयूटर स्टाफ में अपने देसी भाई यानि भारतीय भी खूब मिलते हैं। भारतीय होने [...]

जीतू भाई टीम नारद के पेज पर कहते हैं कि मिर्ची सेठ व्यस्त चल रहे हैं। पिछले कुछ दिन उसी व्यस्तता से थोड़ी छुट्टी मिली हुई थी तो कुछ नया करने की हूक पैदा हुई। कहते हैं कि एक चित्र हजार शब्दों के बराबर है तो फिर भाई वीडियो तो लाख के बराबर हुआ न। [...]

आज यू-टयूब पर एक विडियो देखा। काफी मजेदार है। आप भी देखें [ev type="youtube" data="lWWKBY7gx_0"][/ev] एक और बात बट्स के लिए हिन्दी का थोड़ा सभ्यतावाला शब्द क्या होगा। सोचता हूँ तो या तो एक दम कलिष्ट शब्द समझ में आते हैं या फिर एक दम चालू भाषा के।

कम्पयूटर का सबसे अच्छा उपयोग शिक्षा के क्षेत्र में हो सकता है। NCERT की सभी पुस्तके आप सजाल(http://ncert.nic.in/textbooks/backup/Index.htm) से पढ़ सकते हैं। नंवी की हिन्दी पुस्तक में हरिशंकर परसाई की प्रेमचंद के जूते जरुर पढ़ें। अपुन तो गणित देखना चाहते थे ग्यारहवीं की कक्षा का पाठ क्या सही है। (जाते जाते सभी पिछली प्रविष्टि के [...]

श्रीश जी के पिंग ने चिट्ठाजगत की दुनिया में फैली महामारी से परिचित कराया। पता लगा कि दिग्गज लोग नए नए तरीके से मल्टी लेवल मारक्टिंग की तरह अपने मित्रों को इस महामारी की चपेट में ला रहे हैं। मजे की बात है कि पहली बार मल्टी लेवल मार्कटिंग पसंद आ रही है। कत्ल होने [...]

मेरे दोस्त गुरु का तीन बजे फोन आया कि गुरु देखने चलना है क्या? हम लोग काफी दिन से इसके विज्ञापन देख रहे थे व देखने का मन बना चुके थे कि भाई इसके लिए दस डॉलर खरचने ही हैं। बिना समीक्षाएं पढ़े देखने गए गुरु को। यहाँ बे-एरिया के ट्रैफिक के वजह से १५ [...]

निहंग

अम्बाला में पला बढ़ा हूँ व सिक्खी से बहुत करीबी नाता है। फ्लिकर पर रमिंदर की छवियाँ देखी कमाल की हैं। एक युवा निहंग दो घोड़ों पर अपना कौशल प्रदर्शित करते हुए। रमिंदर की फोटो उस से भी कमाल की है। भागते घोड़ों की शक्ति के बारे में सोचिए, युवा निहंग के दिमाग में इस [...]

दिवाली के प्रकाश उत्सव पर सभी को मिर्ची सेठ व सेठाणी की मंगल कामनांए। विकीपीडिया से शांति मंत्र सर्वेषां स्वस्ति भवतु । सर्वेषां शान्तिर्भवतु । सर्वेषां पूर्नं भवतु । सर्वेषां मड्गलं भवतु ॥ सभी के साथ अच्छा हो एवं सर्वस्व शांति हो। सभी सम्पूर्ण हों व हर तरफ मंगल हो सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे [...]

फुरसतिया फुरसत में कई बार कह चुके हैं कि ये प्रशांत महासागर पार वाले कुछ भी नहीं लिखते। रोजनामचा महाराज अटलांटिक पार वाले हैं व वे तो माशा अल्ला खदानों वगैरह में घूमते रहते हैं। इसलिए यह बात उन पर लागू नहीं होती। तो कुछ ऐसी बातों के बारे मे लिखता हूँ जो मेरे यहां बीते सात वर्षों में [...]

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