पिछली प्रविष्टि की मिली टिप्पणियों से लगता है कि मैं जो बात कहना चाहता था कहीं पैसे  और कम्पयूटर में डूब कर रह गई। गलती पूरी तरह से मेरी ही थी कि अपनी बात कहने के लिए कम्पयूटर इंडस्ट्री का सहारा लिया। राजीव भाई ने अपनी प्रतिक्रिया में माँग व पूर्ति तथा नव-सृजन हर जगह की बात की जिस मैं पूरी तरह से [...]