क्यूँकि फॉयरफॉक्स के गुणों के बारे में श्रृंख्ला लिख चुका हूँ इस लिए बनता है कि इसके बारे में फिर से लिखूँ। यदि उपरी तौर से देखा जाए तो आप कह सकते हैं कि केवल टैब्ड-ब्राउजिंग के लिए इतना हल्ला मचाना कहाँ तक लाजमी है। पर बात सिर्फ इतनी ही नहीं। इसका मुक्त-सोर्स व प्लगइन [...]

कितना मजा आता न कोई आपसे कहता कि भाई अपना पैसा मुझे दो मैं आप को दूगना करके वापिस कर दूँगा। वैसे ऐसा कहने वाले तो बहुत मिल जाऐंगे पर आप जानते हैं न आपके पैसा का क्या होगा। थोड़े साल पहले तक भारतीय सरकार सच में कुछ ऐसा ही करती थी। इंदिरा विकास पत्र, [...]

मेरे एक परम मित्र हैं शादीशुदा हैं व आजकल काम के सिलसिले में चेन्नई गए हुए हैं। भाभी जी यहाँ हैं व वे वहाँ हैं। अब प्रिया बिना दिल नहीं लागे रे व विरहयोग में फिर से कवि बन बैठे हैं। देखिए उनकी लेखनी चाँद को देख कर चाँद याद आता है क्या कहें चाँद [...]

अंतर्जाल पर हिन्दी का प्रसार पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है। जहाँ आज से दो-तीन साल उंगलियों पर गिने जा सकने वाले हिन्दी सजाल थे वहीं आज यह संख्या सैंकड़ों में होगी। इस प्रसार में ब्लॉग-विधा का बहुत बड़ा हाथ है। सजाल पर हिन्दी पढ़ने लिखने व संबधित विषयों पर वार्ता के लिए बहुत [...]