सुरेन्द्र मोहन पाठक मेरे प्रिय लेखक रहे हैं। पुरु जी का अंतर्जाल पर प्रकाशित होता कड़ी वार नावल पढ़ना शुरु किया तो पता नहीं किस कनेकश्न के चलते पाठक जी की लेखन शैली याद आ गई। ईमेल पर भाई लोगों से बात शुरु हुई तो पता चला कि नितिन बागला जी भी उनके बहुत बड़े [...]