इंद्र शर्मा जी ने भारतीय माँ बाप जिन के बेटे बेटियाँ अमरीका में हैं व ने यहाँ पर उनसे मिलने आते हैं व फिर क्या होता है के बारे में लिखते हुए तुलसीदास की यह चौपाई लिखी सूत मानहीं मातू पिता तब लौ, अबलानन देख नाहीं जब लो। ससुरारी पिआरी लगे जब ते, रिपुरप कुटुम्ब [...]