अभी अभी वीर-ज़ारा देख कर आ रहा हूँ। अब चोपड़ा जी की फैक्टरी से निकली है तो अच्छी तो होगी ही और जाहिर है कि प्रेम-कथा भी है (जैसे की देस में और दूसरी फिल्में भी बनती ही हैं) यदि आपको दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे पंसद आई थी तो यह भी पंसद आयगी।
अभी आप सोच रहे होंगे कि बाकि तो ठीक है पर प्रविष्टि के शीर्षक का क्या मतलब है। वो ऐसे कि शाहरुख खान एक जगह पर अपना परिचय देते हुए जैसा कि सेना में प्रचलित है अपना पद भी अपने नाम के साथ लगा कर बताते हैं – स्कावार्डन लीडर वीर प्रताप सिंह। तो मुझे एक बात सूझी कि अपुन लोग तो कभी भी अपना परिचय ऐसे नहीं देते। कितना मजा आए आप किसी से मिलें और अपना परिचय दें – मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज कुमार नरुला ।
4 Responses
Deepak Jeswal
November 19th, 2004 at 3:01 am
1VEER ZAARA review on my blog…
par hum log jo ke engineer nahin hai kya likhenge naam ke aage….MBA Deepak Jeswal? kaafi bhadda hai, na ?
अनूप शुक्ला
November 19th, 2004 at 6:35 am
2क्यों आप यह भी तो कह सकते हैं-मैं फिल्म रिव्यूवर दीपक जेसवाल. स्क्वार्डन लीडर,साफ्टवेयर इंजीनियर से तुक भी बढिया मिल रही है.
पंकज
November 19th, 2004 at 9:37 am
3शिक्षा संबधित पदवी का एक दूसरा ही रिवाज है। पुराने जमाने में तो लोग अपनी बी ए की डिग्री भी बड़े शान से बताते थे। जैसे कि राम दयाल शर्मा बी ए। डॉक्टर तो आज भी ऐसा करते हैं । तो यह देखते हुए दीपक जेसवाल एम बी ए कैसा रहेगा।
qmugofzkop
June 29th, 2005 at 1:58 am
4nrgurip
euxee
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