अब जब कि हाँ भाई अपने स्थाई पते पर पहुँच चुके है – यहाँ पर इनके पलायन की ज़रूरत के बारे में लिख रहा हूँ । साथ ही हिन्दी चिट्ठा बनाते समय उपलब्ध विकल्पों एवं लिए गए निर्णयों पर भी चर्चा करूँगा। ऐसा लिखने के पीछे मंशा यह है कि शायद यह जानकारी भद्रजनों के काम आए। [...]