इस सप्ताहंत में पूरी 4 फिल्में – 50 First Dates, Autumn in New York, Le Divorce, American Pie 2 देख डाली । सभी अंग्रेजी फिल्मों के नाम पढ़ कर कुछ मत सोचिए । अमेरीका बसे सभी भारत जन्मे देसी हिन्दी फिल्मे ज्यादा देखते हैं । और सभी प्रकार की फिल्में, क्या आपने तीन दीवारें, नई [...]
आज थोङा खाली समय मिला तो आलोक जी का पुराना चिट्ठा पढ़ डाला । पढ़ कर सुखद आश्चर्य हुआ कि वे भी देर से उठना और इंस्क्रिपट जैसे राक्षसों से जूझ चुके हैं । खाली समय की बात से एक और बात याद आई ज़ीरोम के ज़ीरोम की “निक्कमे आदमी के निक्कमे विचार” (Jerome K [...]
यह तो लिख ही चुका हूँ कि आजकल INSCRIPT सीख रहा हूँ । इस बारे में मेरे पिछले चिट्ठे की टिप्पणियों में haloscan की सीमाओं के बावजूद आलोक जी ने जो मेरी सहायता की वह काबिले तारीफ है । शुक्रिया आलोक । जनता की सुविधा के लिए सभी टिप्पणियाँ एकीकृत रूप में नीचे दी जा [...]
संजय ने कुछ समय पहले शुद्ध हिन्दी के बारे में लिखा तो मन में एक साथ बहुत सारे प्रश्न आ गए । मैं समझता हूँ वे तो केवल व्यंग्य ही कर रहे थे । पर मैं “लोहपथगामिनी” एवं ”पवनठूसर” जैसे शब्दों की सार्थकता जानना चाहूँगा । भाषा की सुन्दरता व स्वच्छता तो बिल्कुल सही हैं [...]
संजय ने एक टिप्पणी में INSCRIPT के बारे में बोध कराया | गूगल ने गुगली की कि यह CDAC का बनाया हुआ है | इस के बारे में थोड़ा और पढ़ा | अब चूंकि मैं तख्ती का उपयोग करता हूँ | तो मेरा प्रबध जनों से यह निवेदन है कि दोनों में से कौन सा [...]
इतवार का दिन काफी बड़िया होता है | सुबह सुबह अखबार पढ़ते हुए चाय पीने का आनन्द ही कुछ और है | एक दो दिन में मैल् जिब्सन की “The Passion of The Chirst” सिनेमा घरों में आने वाली है | काफी धूम मची है यहाँ पर | और मचे भी क्यों ना? याद है [...]